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Uska Desh

 289.00

आजादी मिले कितने बरस हो गये थे। भारत मे अभी भी जातिवाद,
संप्रदायवाद, असमानता जैसे गंदे  विचार मौजूद थे। बरसो  से यही चली आ
रही थी, अभी भी है और नही लगता कि यह पूर्णरूपेण खत्म होगा, इसलिए
सारे  भारतीय इस माहौल मे रगं चुके थे और कुछ को न भी चाहते  हुए रंगना
इसमें उनकी मजबुरी थी। बडे  लोग छोटे लोग जातियता के आधार पर भी
होते थे। अधिक पैसे वाले लोग उच्च जाति के होते यह उस समय का उसूल
ही था। आज प्रायः देखने को मिलता है ऊँचे जाति के लोग प्रायः अच्छे खान
पान करते है  अर्थात् उनका जीवन स्तर ऊँचा ही रहता है। बड़ेे  लोग बड़ेे ही
बना रहते हैं और छोटा हमे‛ छोटा, यह हमारे समाज का उसूल बन चुका
है।

Armaano Ka Katla

 289.00

विजयनगर का एक राजा था, उसका नाम पृथ्वीनाथ था। वह और उसका
सेनापति सचेत अपने वफादार सैनिको के साथ, अपने बार्डॅर के पास अपने
शत्रु का सामना करने हेतु गया। शत्रुओ ने उसके शांतिमय राज्य पर हमला
कर दिया था। शत्रु की सेना बहुत विशाल थी। युद्ध शुरू हुआ, राजा
पृथ्वीनाथ के सारे सैनिक अपने बहादूरी का यथासंभव परिचय कराते हुए
अंततः मारे गये। हार निश्चित देखा सेनापति  सचेत ने  उन्हे समझाया और
कहा ‘महाराज आप कहीं दूर चले जाये, आज का दिन हमारा नहीं है…..
हुजूर आप जिंदा रहेंगे तो राज्य को फिर से प्राप्त कर सकते हैं और अगर
आप बंदी हो जाते हैं तो फिर दोबारा आपके जैसा राजा नही मिलेगा। और
अगर आप अभी जंग छोड़कर भाग जाते हैं तो फिर से सेना इकट्ठी करके
इस राज्य को पुनः प्राप्त कर सकते हैं।’

Damini

 199.00

एक अबोध बालक को क्या पता कि काले विषैले नाग कितना खतरनाक होतें हैं। वह तो खिलौना समझकर हर वस्तु से खेलने लगते हैं। भावेश भी उस उस विषैले सर्प से इस प्रकार खेल रहा था कि जैसे वह किसी खिलौने से खेल रहा हो। लेकिन विस्मयकारी बात यह थी कि वह विषैला नाग भी भावेश को काटने के बजाय उससे बचने के लिए अपने फन को इधर-उधर घुमा ले रहा था। ऐसा लग रहा था कि, वह विषैला नाग भी जैसे उससे खेल रहा था। लेकिन इन जंगली कीड़ों का क्या भरोसा? कि कब वह डस लें । इसके पूर्व ऐसा दृश्य तो उसने अपने जीवन में कभी न सुना है न देखा है।

 

 

 

 

 

The little sister of the holy Mahanadi

 199.00  189.00
  • ASIN : B08RS9KM9L
  • Publisher : Book River (30 December 2020)
  • Language: : English
  • Item Weight : 200 g
  • Dimensions : 12 x 2 x 21 cm

Aghori Baba Ki Gita (Vigyan ki punarsthapna)

 260.00  250.00

Product details

  • Publisher : Book Rivers; 1st edition (2 August 2019)
  • Language: : Hindi
  • Paperback : 286 pages
  • ISBN-10 : 9388727495
  • ISBN-13 : 978-9388727495
  • Item Weight : 320 g
  • Dimensions : 21.59 x 13.97 x 1.6 cm
  • Country of Origin : India

  • Best Sellers Rank: #166,451 in Books 

Jimee-Kand

 270.00

शांति की भूमिका लिखने को आतुर जिसने युद्ध की पटकथा लिख डाली। एक बेहतर राष्ट्र की परिकल्पना में जिसने विनाश का खाका तैयार कर दिया। जमाने से जिसे अथाह मोह भी था, और असीमित वैराग्य भी। दिल में दुविधा, अकुलाहट, व्याकुलता और परेशानी से भरी भीड़ थी, तो प्रेम का एकांत कोना भी। काल-खण्ड की परम्पराओं से हटकर चलने वाला एक विलक्षण मानव, जिसने समय को कदम-कदम पर चुनौती दी। अंततोगत्वा वो समय से टकरा कर, अपनों से चोट खा कर सदा-सदा के लिए मिट गया। ‘जिमी-कंद अर्थात दो चट्टानों के बीच फंसा वो पौधा, जिसे संकुचित जगह के कारण न तो फैलने का जगह मिल पाता है, और न ही बढ़ने का

Kavitaye Kaise Karu

 200.00
ISBN: 978-9388727549
Pages: 150
Language: Hindi
Size: 5.5×8.5
Available Types: Paperback
Genre: Poetry